उड़ीसा से मिलेगी स्टरलाइट को ऊर्जा

30 दिसम्बर, 2009. वेदांत समूह की कंपनी स्टरलाइट एनर्जी उड़ीसा स्थित 8,200 करोड़ रुपये के अपने झारसुगुड़ा बिजली संयंत्र का पहला चरण अगले तीन महीने में शुरू करने की योजना बना रही है।

पहली इकाई के लिए अभी अपने परीक्षण काल के चरण में चल रही इस परियोजना के वित्त वर्ष 2011 की तीसरी तिमाही तक पूरी तरह काम शुरू कर देने का अनुमान है। सूत्रों के मुताबिक पंजाब के तलवंडी में प्रस्तावित कंपनी की दूसरी परियोजना 2013 से 2014 के बीच के चरणों में शुरू हो जाएगी।

करीब 17,520 करोड़ रुपये की कुल लागत में से स्टरलाइट दोनों ही परियोजनाओं के निर्माण पर अब तक 4,958 करोड़ रुपये खर्च कर चुकी है। कंपनी ने हाल ही में अपने रेड हैरिंग प्रॉस्पेक्टस में कहा है कि इस साल 6 अक्टूबर तक झारसुगुड़ा परियोजना के विकास और निर्माण पर 4,106.30 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
बाकी बचे 851.40 करोड़ रुपये 1,980 मेगावाट के कोयला आधारित तलवंडी परियोजना पर खर्च किए गए हैं। 600 मेगावाट की चार इकाइयों के साथ 2011 तक पूरी तरह शुरू हो जाने के बाद झारसुगुड़ा के कोयला आधारित व्यावसायिक बिजली संयंत्र की उत्पादन क्षमता 2,400 मेगावाट होगी। कंपनी ने 25.7 लाख टन अस्थायी कोयला लिंकेज प्रति वर्ष हासिल कर लिया है।
इतना कोयला कंपनी की पहली 600 मेगावाट की इकाई में बिजली पैदा करने के लिए पर्याप्त है। करीब 1,800 मेगावाट क्षमता के लिए कोयला लिंकेज आवेदन किया गया है। झारसुगुड़ा परियोजना के लिए रुपये और विदेशी मुद्रा को मिलाकर कुल 6,150 करोड़ रुपये का कर्ज उपलब्ध है।
कर्जदाताओं के समूह से करीब 5,569 करोड़ रुपये के टर्म लोन की व्यवस्था की गई है। इन कर्जदाताओं में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई बैंक, पंजाब नैशनल बैंक, लाइफ इंश्योरेंस कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया शामिल हैं।
अंतरिम डिस्बर्समेंट के तौर पर कंपनी ने 1,206 करोड़ रुपये का कर्ज जुटाया है। इसके अलावा कंपनी ने 14 करोड़ डॉलर के टर्म लोन के लिए इंडिया इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंस कंपनी (यूके) लिमिटेड के साथ विदेशी मुद्रा व्यवस्था समझौता किया है।(स्रोत-बिजनेस स्टैंडर्ड)

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