भेल की वैश्विक कंपनियों से बातचीत

04 जनवरी, 2010. परमाणु ऊर्जा के बढ़ते व्यापार को देखते हुए सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भेल परमाणु रिएक्टर बनाने और ग्राहकों को इससे जुड़ी तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अल्सतोम और तोशिबा समेत वैश्विक कंपनियों से बातचीत कर रही है।

भेल के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक बी पी राव ने कहा कि हां हमारी रुचि रिएक्टर बनाने में हैं। हमने उपकरण बनाए हैं और अब हम इस क्षेत्र में परमाणु रिएक्टर निर्माण समेत सभी प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने पर विचार कर रहे हैं।

देश में परमाणु उर्जा संयंत्र स्थापित करने के लिए कंपनी परमाणु ऊर्जा निगम के साथ मिलकर संयुक्त उद्यम कंपनी बना सकती है। इस बारे में सहमति पत्र पर पहले ही दस्तखत किए जा चुके हैं।

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में सभी प्रकार की सुविधा मुहैया कराने के लिए भेल प्रौद्योगिकी सहयोगी बनाएगी और इस संबंध में वह वैश्विक कंपनियों से बातचीत कर रही है।

भेल के अलावा भारत फोर्ज और एल एंड टी परमाणु उपकरण बनाने के लिए वैश्विक कंपनियों के साथ बातचीत कर रही हैं। सरकार की अगले दशक में परमाणु खंड में 20,000 मेगावाट बिजली पैदा करने की योजना है। इससे परमाणु उपकरण बनाने वाली कंपनियों के लिए व्यापक संभावनाएं हैं।

बीपी राव ने कहा कि हम परमाणु रिएक्टर बनाने के लिए तोशिबा और अल्सतोम से बातचीत कर रहे हैं। यह एनपीसीआईएल के साथ त्रिपक्षीय उद्यम होगा। अगले दो तीन महीने में तीसरे सहयोगी को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। तीसरा प्रौद्योगिकी सहयोगी की प्रस्तावित संयुक्त उद्यम में अल्पांश हिस्सेदारी होगी।

सूत्रों ने बताया कि फ्रांसिसी कंपनी अल्सतोम संयुक्त उद्यम कंपनी में प्रौद्योगिकी सहयोगी होगी और उसकी उसमें 26 फीसदी की हिस्सेदारी हो सकती है। भेल और एनपीसीआईएल ने संयुक्त उद्यम बनाने के लिए अप्रैल 2008 में समझौता किया है।(स्रोत-हिन्दुस्तान दैनिक)


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