सीमेंट उद्योग को चाहिए करों में राहत

12 जनवरी 10. घरेलू सीमेंट उद्योग ने कोयले से आयात शुल्क हटाए जाने की मांग की है। कोयले के अलावा उद्योग ने पेट कोक और जिप्सम पर भी इसी तरह की छूट मांगी है। फिलहाल कोयला,पेट कोक और जिप्सम पर 5 फीसदी का आयात शुल्क लगता है। देश में कोयले की आपूर्ति में कमी की वजह से ज्यादातर बड़ी सीमेंट कंपनियां विदेश से आयातित ईंधन पर निर्भर हैं।

सीमेंट कंपनियों का कहना है कि सीमेंट के आयात पर किसी तरह का शुल्क नहीं लगता, मगर कच्चे माल पर उन्हें शुल्क देना पड़ता है। अपने बजट-पूर्व ज्ञापन में सीमेंट उत्पादक संगठन (सीएमए) ने कहा, 'घरेलू कोयला आपूर्ति कम रहने की वजह से उद्योग ईंधन के लिए मुख्य रूप से आयातित कोयला और पेट कोक पर निर्भर है।'

अंबुजा सीमेंट, अल्ट्रा टेक सीमेंट और इंडिया सीमेंट जैसी कंपनियां अपनी जरूरतों के लिए काफी हद तक आयातित कोयले पर निर्भर करती हैं। ऐसे समय में जब ज्यादातर सीमेंट कंपनियों ने ताप विद्युत संयंत्र स्थापित कर लिए हैं और नई योजनाओं पर काम चल रहा है, कंपनियों के लिए कोयला मुख्य ईंधन बन गया है।

चालू पंचवर्षीय योजना (2007-12) के लिए कार्यकारी समूह रिपोर्ट के मुताबिक 2011-12 तक सीमेंट उद्योग केलिए कोयला जरूरत 70 फीसदी बढ़ने की संभावना है। 2007-08 के 350 लाख टन से बढ़कर इसके 2011-12 में 580 लाख टन हो जाने की उम्मीद है। पिछले साल आयातित कोयले की कीमत 180 डॉलर प्रति टन तक पहुंच गई थी। फिलहाल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कोयला की कीमत 90 डॉलर प्रति टन है।
उद्योग ने सीमेंट पर से विभेदी उत्पाद शुल्क व्यवस्था भी हटाए जाने की मांग की है। श्री सीमेंट के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक हरि मोहन बांगर के मुताबिक इसकी वजह से अनावश्यक भ्रम पैदा होता है। इसलिए इसमें एकरूपता होनी चाहिए।
फिलहाल अगर सीमेंट की 50 किलो की बोरी का खुदरा भाव 190 रुपये से ज्यादा नहीं होता, तो सीमेंट उत्पादक, उत्पाद शुल्क के तौर पर प्रति टन 230 रुपये का भुगतान करते हैं। इससे अलग परिस्थितियों में उत्पाद शुल्क बिक्री मूल्य का 8 फीसदी होता है।
बुनियादी ढांचा क्षेत्र और अन्य निर्माण गतिविधियों में तेजी के साथ सरकारें तमाम परियोजनाएं चला रही हैं, जिसके चलते सीमेंट की मांग में तेज बढ़ोतरी हुई है। इसे देखते हुए सीमेंट क्षेत्र ने मांग की है कि विकास की गति को देखते हुए सीमेंट की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उत्पादकों को सहूलियत दिया जाना चाहिए, जिससे बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

सीमेंट क्षेत्र में 2007-11 के दौरान कोयले की मांग
वर्ष कोयले की जरूरत
2007-08 34.79
2008-09 40.02
2009-10 45.58
2010-11 51.57
2011-12 57.97
सभी आंकड़े मिलियन टन में
स्त्रोत : वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय
(स्रोतः बिजनेस स्टैंडर्ड)

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