22 जनवरी 2010. केंद्र ने उत्तराखंड सरकार को एनएचपीसी को 75 करोड़ रुपये देने का निर्देश दिया है ताकि यमुना नदी पर लगने वाली 420 मेगावॉट की लखवाड़ व्यासी बहु-उद्देशीय परियोजना पर काम शुरू हो सके।
उत्तराखंड सरकार को भेजे गए पत्र में केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय ने यह रकम देने के लिए कहा है ताकि सभी जरूरी मंजूरियां हासिल की जा सके। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के मुताबिक, 'हमें यह पैसा एनएचपीसी को देना है ताकि जल्द से जल्द इस परियोजना पर काम शुरू हो सके।'
यह फैसला उत्तराखंड सरकार की उस आपत्ति के बावजूद लिया गया जिसमें कहा गया है कि एनएचपीसी ने सरकार से 43.18 करोड़ रुपये ही मांगे हैं। केंद्रीय ऊर्जा सचिव एच एस ब्रह्मा को भेजे गए पत्र में उत्तराखंड के प्रधान ऊर्जा सचिव शत्रुघ्न सिंह ने लिखा है कि उत्तराखंड जल विद्युत निगम (यूजेवीएनएल) एनएचपीसी को 43.18 करोड़ रुपये देने को तैयार है।
यूजीवीएनएल को यह परियोजना पिछले साल आवंटित की गई थी। सिंह ने कहा है कि अतिरिक्त 29.88 करोड़ रुपये चुकाने के मामले में सुनवाई केंद्रीय बिजली प्राधिकरण (सीईए) को करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर सीईए अतिरिक्त पैसा देने की सिफारिश करती है तो यूजेवीएनएल यह रकम चुका देगी।
उन्होंने यह भी कहा है कि इस खर्च को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट में शामिल किया जाना चाहिए और इसे सीईए और केंद्रीय जल आयोग से मंजूरी मिलनी चाहिए। सिंह ने कहा कि यह एक बहु-उद्देशीय परियोजना है और दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की जल संबंधी समस्याएं दूर होंगी इसलिए केंद्र से अच्छा-खासा अनुदान इस परियोजना के लिए मिलना चाहिए।(स्रोत-बिजनेस स्टैंडर्ड)
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