30 जुलाई 2010, दुनिया की प्रमुख इस्पात कंपनी आर्सेलरमित्तल को उम्मीद है कि भारत में उसकी 1.3 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं में से कम से कम एक का काम अगले साल शुरू हो जाएगा।
भविष्य में अपने विकास के लिए आर्सेलरमित्तल की उम्मीदें विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर टिकी हैं। कंपनी के दूसरी तिमाही के नतीजों की घोषणा के बाद आर्सेलरमित्तल के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लक्ष्मी निवास मित्तल ने फोन पर बताया कि हमें भरोसा है कि अगले साल हमारी एक परियोजना पर काम शुरू हो जाएगा। हालांकि, हम यह नहीं कह सकते कि कौन सी परियोजना पर। हमारी उम्मीद है कि यह पहली या दूसरी तिमाही में हो सकेगा।
दूसरी तिमाही के लिए आर्सेलरमित्तल का शुद्ध लाभ 1.7 अरब डालर रहा है, जो उम्मीद से कम है। कंपनी ने माना है कि यूरोप की कमजोर स्थिति तथा चीन से मांग में कमी की वजह से उसका शुद्ध लाभ कम हुआ है।
मित्तल ने कहा कि सितंबर में समाप्त होने वाली तीसरी तिमाही में इसका असर ज्यादा दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि कारोबार वृद्धि के लिए हमारी उम्मीदें विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर टिकी हैं।
दुनिया की सबसे बड़ी इस्पात कंपनी आर्सेलरमित्तल को वैश्विक स्टील उत्पादन में छह प्रतिशत का योगदान है। कंपनी ने 2005 में झारंखड में इस्पात परियोजना लगाने की घोषणा की थी, जबकि एक साल बाद कंपनी ने उड़ीसा में संयंत्र लगाने का ऐलान किया। इस साल जून में कंपनी ने कर्नाटक सरकार के साथ 30,000 करोड़ रुपये के निवेश से इस्पात संयंत्र लगाने के लिए सहमति ज्ञापन पर दस्तखत किए हैं।
मित्तल को अपनी कर्नाटक परियोजना को लेकर काफी उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कर्नाटक में जो प्रगति हुई है, उससे हम काफी संतुष्ट हैं। (हिन्दुस्तान)
घोषणा | गोपनीयता नीति | सर्वाधिकार सुरक्षित. © 2006-2010 एमजंक्शन सर्विसेस लिमिटेड