स्टील उत्पादों पर प्रस्तावित निर्यात शुल्क को वापस लेने का फैसला

09 मई, 2008। सरकार ने पाइप और टयूब्स जैसे स्टील उत्पादों पर प्रस्तावित निर्यात शुल्क को वापस लेने का फैसला किया है।

गुरुवार को हुई बैठक में वित्त मंत्री ने कुछ बड़ी स्टील कंपनियों के प्रतिनिधियों से कहा कि यदि वे स्टील की कीमतों में कटौती करने के लिए तैयार हों तो सरकार प्रस्तावित निर्यात शुल्क को वापस ले लेगी।

स्टील कंपनियों ने सरकार के इस प्रस्ताव पर सकारात्मक सहमति दिखाई और तुरंत प्रभाव से स्टील की कीमतों में प्रति टन 4,000 रुपये की कटौती की। निर्यात शुल्क लगने से इन कंपनियों की निर्यात कीमत में इजाफा हो गया था जिसके चलते इन कंपनियों को लगा कि इनके अधिकतर ऑर्डर रद्द हो जाएंगे।

सरकार ने पिग आयरन, माइल्ड स्टील (जिसमें एचआर कॉयल भी शामिल है) पर 20 फीसदी का निर्यात शुल्क लगा दिया था। अभी हाल तक स्टील के आयात पर 5 फीसदी का शुल्क लगता था लेकिन प्रस्तावित संशोधन के बाद यह शून्य हो जाएगा। इससे घरेलू स्टील कंपनियों और आयातित स्टील की कीमतों में अंतर काफी हद कम हो जाएगा।

भारत में तकरीबन 20 लाख टन स्टील पाइप और टयूब का उत्पादन होता है जिसमें से आधा यानी 10 लाख टन का निर्यात कर दिया जाता है। हालांकि स्टील कंपनियां भविष्य में ऐसी किसी भी लेवी से बचने का इंतजाम कर रही हैं ताकि उनका बाजार प्रभावित न हो। (स्रोत-बिजनेस स्टैंडर्ड, हिंदी)

Disclaimer | Privacy Policy | All rights reserved. © 2006-2013 mjunction Services Limited